*****शायरी और गजलें *****
(०६)
जज्बातों की राह में हार कर ।
क्यों मुकद्दर से शिकवा करते हो।।
शिकवा बला ए दिल से करो।
जो रिश्ते बुनने की कोशिश करती है।।
*****
(०७)
हरेक के उमर यौवन में मोहब्बत का प्यास होता है।
पडाव उम्र का सोलह साल हो तोअहसास होता है।।
प्रियतमा से मिलकर चाँदनी रातों में रास
होता है।
कमसीन उमर में इश्क का नशा भी खास होता है।।
*****
( ०८)
दरिया को समंदर में मिलने की चाहत बयां हो नहीं सकता।
इश्क का तूफान उम्र आने पर कोई थाम नहीं सकता।।
दिलबरा से मिलने की उम्मीद दीवाने में हुआ करती है।
चाहे लाखों पाबंदी लगा ले मिलन से कोई रोक नहीं सकता।।
*****
(०९)
*****गजल *****
माशूका की खूबसूरत चेहरे पर,
मधुरतम् मुस्कुराहट हो तो मजा आ जाये।
नैन नशीली व कजरारे हो पर,
चाल में जरा सी बलखाहट हो तो मजाआ जाये।
कदमों से घुँघरू की आहट हो पर,
दुपट्टों में हवाओं से सरसराहट हो तो मजा आ जाये।
कलाइयों में पहनी हो कंगना मगर,
चूड़ियों में जरा सी खनखनाहट हो तो मजा आ जाये।
साजन के लब शबनमी हो पर,
अदाओं से बिजलियाँ गिराए तो मजा आ जाये।
मिलन की बेला में लालिमा हो पर,
चेहरे में जरा सी हो घबराहट तो मजा आ जाये।
मैं बेचैन हो रहा हूँ बाँहों में लेने को मगर,
बेलाओं के जैसी शरारत उमड़ पड़े तो मजा आ जाये।
*****
(१०)
*****गजल *****
यूँ तेरा वो चिलमन से छुपकर देखना
नजरें मिलने पर आँखें शर्म से ढक लेना
गलियों में तेरा वोअचानक सामनेआजाना
एकाएक मेरे दिल की धड़कन का बढ़ना
तेरे दिल की बेचैनी की खबर दे जाती है
कि शायद जितना बेकरार है ये मेरा दिल
गुश्ताखियाँ कर रहा हो तुम्हारा भी दिल
कि तेरा पनघट पर जाते हुए पलटना
मुड़ मुड़ कर तुम्हारा यूँ मुझको देखना
तेरे दिल की बेचैनी की खबर दे जाती है
तुम बैठे रहती गुफ्तगू करते सखियों संग
हँसी ठिठोली करते रंगी रहती हो अपनेरंग
कि मेरा अनुमान है कि वहां मेरे पहुचने से
तेरा शर्माकर मुझसे यूँ नजरें चुरा लेना
तेरे दिल की बेचैनी की खबर दे जाती है
मेरी हार पर मायूस होकर तेरा चले जाना
जीत जाऊँ तो तेरा चहक कर खुशीमनाना
दिल की अपनी बात यूँ दिल में दबाना
तेरा कहते- कहते रुककर होंठ चबाना
तेरे दिल की बेचैनी की खबर दे जाती है
*****
(११)
गर किसी से मोहब्बत हो गई है तो,
बेकरारी को दूर कर इजहार कर लेना।
मौका जो आए इश्क में मंजिल पाने की,
तो बड़ी शिद्दत से इकरार कर लेना।।
वो भी क्या जमाने थे वर्षों इम्तहां देने का,
आशिक गलियों में इंतजार किया करते थे
अब दीवानों में वोआशिकी का दौर न रहा
मिले जो दामन में प्यार स्वीकार कर लेना।
***// *****//*****//*****//***
*****कुँज साहू *****
(शिक्षक)
०५//११//२०१७
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*****सर्वाधिकार सुरक्षित है *****
(०६)
जज्बातों की राह में हार कर ।
क्यों मुकद्दर से शिकवा करते हो।।
शिकवा बला ए दिल से करो।
जो रिश्ते बुनने की कोशिश करती है।।
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(०७)
हरेक के उमर यौवन में मोहब्बत का प्यास होता है।
पडाव उम्र का सोलह साल हो तोअहसास होता है।।
प्रियतमा से मिलकर चाँदनी रातों में रास
होता है।
कमसीन उमर में इश्क का नशा भी खास होता है।।
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( ०८)
दरिया को समंदर में मिलने की चाहत बयां हो नहीं सकता।
इश्क का तूफान उम्र आने पर कोई थाम नहीं सकता।।
दिलबरा से मिलने की उम्मीद दीवाने में हुआ करती है।
चाहे लाखों पाबंदी लगा ले मिलन से कोई रोक नहीं सकता।।
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(०९)
*****गजल *****
माशूका की खूबसूरत चेहरे पर,
मधुरतम् मुस्कुराहट हो तो मजा आ जाये।
नैन नशीली व कजरारे हो पर,
चाल में जरा सी बलखाहट हो तो मजाआ जाये।
कदमों से घुँघरू की आहट हो पर,
दुपट्टों में हवाओं से सरसराहट हो तो मजा आ जाये।
कलाइयों में पहनी हो कंगना मगर,
चूड़ियों में जरा सी खनखनाहट हो तो मजा आ जाये।
साजन के लब शबनमी हो पर,
अदाओं से बिजलियाँ गिराए तो मजा आ जाये।
मिलन की बेला में लालिमा हो पर,
चेहरे में जरा सी हो घबराहट तो मजा आ जाये।
मैं बेचैन हो रहा हूँ बाँहों में लेने को मगर,
बेलाओं के जैसी शरारत उमड़ पड़े तो मजा आ जाये।
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(१०)
*****गजल *****
यूँ तेरा वो चिलमन से छुपकर देखना
नजरें मिलने पर आँखें शर्म से ढक लेना
गलियों में तेरा वोअचानक सामनेआजाना
एकाएक मेरे दिल की धड़कन का बढ़ना
तेरे दिल की बेचैनी की खबर दे जाती है
कि शायद जितना बेकरार है ये मेरा दिल
गुश्ताखियाँ कर रहा हो तुम्हारा भी दिल
कि तेरा पनघट पर जाते हुए पलटना
मुड़ मुड़ कर तुम्हारा यूँ मुझको देखना
तेरे दिल की बेचैनी की खबर दे जाती है
तुम बैठे रहती गुफ्तगू करते सखियों संग
हँसी ठिठोली करते रंगी रहती हो अपनेरंग
कि मेरा अनुमान है कि वहां मेरे पहुचने से
तेरा शर्माकर मुझसे यूँ नजरें चुरा लेना
तेरे दिल की बेचैनी की खबर दे जाती है
मेरी हार पर मायूस होकर तेरा चले जाना
जीत जाऊँ तो तेरा चहक कर खुशीमनाना
दिल की अपनी बात यूँ दिल में दबाना
तेरा कहते- कहते रुककर होंठ चबाना
तेरे दिल की बेचैनी की खबर दे जाती है
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(११)
गर किसी से मोहब्बत हो गई है तो,
बेकरारी को दूर कर इजहार कर लेना।
मौका जो आए इश्क में मंजिल पाने की,
तो बड़ी शिद्दत से इकरार कर लेना।।
वो भी क्या जमाने थे वर्षों इम्तहां देने का,
आशिक गलियों में इंतजार किया करते थे
अब दीवानों में वोआशिकी का दौर न रहा
मिले जो दामन में प्यार स्वीकार कर लेना।
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*****कुँज साहू *****
(शिक्षक)
०५//११//२०१७
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*****सर्वाधिकार सुरक्षित है *****
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