Sunday, 26 November 2017

बढ़े चलो.. बढ़े चलो...

      ****बढ़े चलो.... बढ़े चलो...****
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न मन में कोई शक हो,
और न कोई कसक हो,
चित्त दिग्भ्रमित न  हो,
लक्ष्य से विचलित न हो,
ठान ली है  मन में जो,
पूर्ण वह संकल्प हो,
मन में ले विशुद्ध भावना,
बढे़ चलो..... बढ़े चलो ।। १।।

जो काम करते आए हैं,
वो काम आगे करना है,
संघर्ष करते आए हैं,
संघर्ष करते रहना है,
न परेशानियों से डरना है,
न मुश्किलों से हारना है,
मन में ले विशुद्ध भावना,
बढ़े चलो...... बढ़े चलो ।। २।।

संघ का यही अह्वान है,
सबका दिल ए अरमान है,
संविलियन ही है सपना,
विदित सकल जहान है,
पूरी होनी है मनोकामना,
माँ शारदे का वरदान है,
मन में ले विशुद्ध भावना,
बढ़े चलो.... बढ़े चलो... ।।३।।

हम सब जंग ए मैदान में हो,
अल्टीमेटम का कोई डर न हो,
वर्तमान सरकार हिल जाएगा,
गर इच्छा शक्ति विचलित न हो,
हर वक्त हौसला बुलंद हो,
इरादा फौलाद सा प्रचंड हो,
मन में ले विशुद्ध भावना,
बढ़े चलो..... बढ़े चलो ।। ४।।

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         *****कुँज साहू *****
                 (शिक्षक पं.)
             २४//११//२०१७
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****सर्वाधिकार सुरक्षित है ****

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