Saturday, 11 November 2017

अच्छी बात नहीं....

जीवन पथ पर तुम जरा संभल जाना,
प्रतिपल - प्रतिक्षण तुम सदा मुस्कुराना।
छोटे- छोटे तकरार में यूँ न रूठ जाना,
लेकिन अपनों से यूँ रुसवा हो जाना अच्छी बात नहीं..........//१//

कभी अति- हर्षित हो उल्लासित रहना,
जुबां ए लबों से जरा संभल कर कहना।
वादा किया तो वादा ए वचन निभाना,
लेकिन वादा करके  यूँ  मुकर  जाना अच्छी बात नहीं...... //२//

सफर ए जिन्दगी दुश्वारियाँ बहुत है,
हो जाती अक्सर  नादानियाँ बहुत है।
नादानी को तुम समझदारी  में बदलना,
लेकिन इंसान में इंसानियत का न होना अच्छी बात नहीं........ //३//

संग अपनों के अपनेपन से ही रहना,
कभी तुम यारों की याराना न परखना।
विश्वास तोड़ कर तुम सितमगर न होना,
लेकिन यारों  से  यूँ  खफा हो जाना अच्छी बात नहीं......... //४//

बेबस लाचार पर हरदम रहमत दर्शाना,
कमजोरों का हाथ  बढ़ाकर देना सहारा।
जोश में चलना कदमों से कदम मिलाना,
लेकिन गरीब  मजलुमों पर  तेवर दिखाना अच्छी बात नहीं......... //५//

संभाले खुद्दारी का यश वैभव  रखना,
विपत पड़े पर तुम टूटना न झुकना।
आए बाधाऐं मंजिल के राहों में न रूकना,
लेकिन सर झुका कर गैरत को  बेचना अच्छी बात नहीं........ ..//६//

मानव हो मानवता जीवन में सदा रखना,
दानव बनकर जीनें की कोशिश न करना।
बरखा जल- सम मधुकर सरस बरसना,
लेकिन काले घन- सम गरजकर रह जाना अच्छी बात नहीं.......... //७//

######################
            *****कुँज साहू *****
                   (शिक्षक पं.)
                ०२//११//२०१७
ॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐ





*****सर्वाधिकार सुरक्षित है *****

No comments:

Post a Comment