मैं देखूं अपने चेहरे आईने में,
तो सोचता हूं कि मैं कौन हूं?
पर मुस्कुरा कर फिर करीब से
झांकु जो तो पाता हूं क्या?
मै तो उस शख़्स का अश्क हूं।।
जो नि:श्चय ही दिया है अपना
जीवन का आनंद और सपना
मुरादे जो चाहे भगवन से वो
मुझ पर लुटाया है तो हूं क्या?
मै तो उस शख़्स काअश्क हूं।।
नियम संयम हो आचार विचार
सब संग हो सुंदरतम व्यवहार
पाया हूं जहां से गुण ये सार
बरसाया जिसने दुलार तो हूं क्या?
मै तो उस शख़्स का अश्क हूं।।
निज जीवन के सरस आंगन में
सिंचित किया नव पल्लव को
प्रेम - स्नेह की नीर खाद से
सृजित किया तरुवर तो हूं क्या?
मैं तो उस शख़्स का अश्क हूं।।
मन विचार दृग-चिंतित उनका
काले बादल छटे तरू के संकट का
दूर निराशा हो समाधान जीवन का
आशाएं बंधी है मुझसे तो हूं मैं क्या?
वो मेरे पिता मै पुत्र कुंज हूं उनका।।
####################
*****कुँज साहू *****
(शिक्षक पं.)
१२//१०//२०१७
******************************
Janam Diwas ki bahut bahut
badhai ho my dear papa g
****सर्वाधिकार सुरक्षित है ****
तो सोचता हूं कि मैं कौन हूं?
पर मुस्कुरा कर फिर करीब से
झांकु जो तो पाता हूं क्या?
मै तो उस शख़्स का अश्क हूं।।
जो नि:श्चय ही दिया है अपना
जीवन का आनंद और सपना
मुरादे जो चाहे भगवन से वो
मुझ पर लुटाया है तो हूं क्या?
मै तो उस शख़्स काअश्क हूं।।
नियम संयम हो आचार विचार
सब संग हो सुंदरतम व्यवहार
पाया हूं जहां से गुण ये सार
बरसाया जिसने दुलार तो हूं क्या?
मै तो उस शख़्स का अश्क हूं।।
निज जीवन के सरस आंगन में
सिंचित किया नव पल्लव को
प्रेम - स्नेह की नीर खाद से
सृजित किया तरुवर तो हूं क्या?
मैं तो उस शख़्स का अश्क हूं।।
मन विचार दृग-चिंतित उनका
काले बादल छटे तरू के संकट का
दूर निराशा हो समाधान जीवन का
आशाएं बंधी है मुझसे तो हूं मैं क्या?
वो मेरे पिता मै पुत्र कुंज हूं उनका।।
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*****कुँज साहू *****
(शिक्षक पं.)
१२//१०//२०१७
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