Thursday, 14 December 2017

गरीब तान

****गरीब तान****
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मुर्हेडी़ कसअइठत जियत हन बिन परान,
ए दुत्कारतअपनअंतस के पीरा का बतान,
न कुरिया न खेती खार न कोदोअउ धान,
ये जग हाँसी बर सिरजाएआन गरीब तान,

मया का होथे कउनो जनवाव ग सियान,
ये सुदामा बर कृष्ण कस बनव ग मितान,
नहायखोरे बर साबुन सोडा ले अइनजान
चिरहा फरिया म मर्जाद बचान गरीबतान,

उसनाय चरोटा भाजी अउ दर्रा खानपान,
झिरिया के पानी म पेट के प्यास बुझवान,
बोट के पावत ले नेता हमर बेंदरा मितान,
हमन घोटाला के पैडगरी आन गरीब तान,

बड़े बड़े शहर बाशा हमर बर सपना जान,
खायबर खपरा नइहे जनम के ररुहा आन,
हमरले भागमानी बिलई कुकुर हे भगवान,
करमलेखा के नइहे ग पहचान गरीब तान,

खलइथ म रूपिया बिन रहिथन हलाकान,
ये जिनगी भुखमरी अउ बिमारी ले परेशान
बिन पानी पसिया अउ इलाज के मरजान,
कचरा सरी लेग जही शमशान गरीब तान,

पढ़ई लिखइ करेबर तय सोच मत नदान, बीए एमए कतको हे नौकरी नइहे असान,
रोजगार करि लेतेन त माल कहाँ ले पान,
मजुरी करबो जीबो खाखछान गरीब तान,

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            *****कुँज साहू *****
                    (शिक्षक पं.)
                 ०९/१२/२०१७
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